यथार्थ और भ्रम में अंतर
शिष्य- गुरूजी, यथार्थ और भ्रम में क्या अंतर होता है?
गुरूजी- तुम्हारा यहां उपस्थित रहना और मेरा प्रवचन करना, यथार्थ है लेकिन मेरा यह सोचना कि तुम मेरी बातों पर ध्यान दे रहे हो, भ्रम है!
In the life of a common man, things are never serious. Starting from birth until the common man dies, everything remains so so common that you can make fun of almost everything. Some of such jokes can be found here.
शिष्य- गुरूजी, यथार्थ और भ्रम में क्या अंतर होता है?
गुरूजी- तुम्हारा यहां उपस्थित रहना और मेरा प्रवचन करना, यथार्थ है लेकिन मेरा यह सोचना कि तुम मेरी बातों पर ध्यान दे रहे हो, भ्रम है!
शादी के मंडप में लड़का लड़की से बोला- मेरे 10 लड़कियों के साथ प्रेम-सम्बन्ध रहे हैं।
लड़की बोली- मुझे पूरा यकीन था। आखिर जब कुंडली मिली है तो गुण तो मिलने ही थे!
रीता (रमेश से)- पता है कि भगवान ने पहले महिला को क्यों बनाया?
रमेश- क्योंकि हर फाइनल चीज को बनाने से पहले एक्स्पेरिमेंट करना पड़ता है।
डैड - हू इज दिस गर्ल?
बेटा - दिस इज माय गर्लफ्रेंड
अगले दिन-
डैड- नाउ हू इज दिस न्यू गर्ल ?
बेटा- रिश्ता वही, आइटम नयी!!!
एक अंग्रेज सिपाही, जिसकी बीवी बहुत खूबसूरत थी, को अचानक लड़ाई के मैदान से बुलावा आ गया। उसकी गैरमौजूदगी में उसकी बीवी कहीं किसी और से आंखे चार न कर बैठे इस डर से उसने अपनी बीवी को एक कमरे में बन्द किया और चाबी अपने एक विश्वासपात्र मित्र को देकर कहा - मैं लड़ाई में भाग लेने जा रहा हूं। यदि मैं दस दिनों तक नहीं लौटूं तो तुम इस चाबी से ताला खोलकर उसे आजाद कर देना ।
दर्शनशास्त्र की कक्षा में प्रोफेसर साहब भगवान के अस्तित्व के संबंध में पढ़ा रहे थे।
"क्या आप में से किसी ने भगवान की आवाज सुनी है?" - प्रोफेसर ने छात्रों से सवाल किया।
कोई नहीं बोला।
"क्या किसी ने भगवान को छुआ है?"
फिर से, कोई नहीं बोला।
"क्या किसी ने भगवान को देखा है?"
जब इस बार भी छात्रों की ओर से कोई जवाब नहीं आया तो प्रोफेसर साहब बोले- "इससे सिद्ध होता है कि भगवान नहीं है।"